الجواب الشريف للحضرة الشريفة في أن مذهب أبي يوسف ومحمد هو مذهب أبي حنيفة
(الجواب الشريف للحضرة الشريفة في أن مذهب أبي يوسف ومحمد هو مذهب أبي حنيفة)
| İsim |
الجواب الشريف للحضرة الشريفة في أن مذهب أبي يوسف ومحمد هو مذهب أبي حنيفة |
| İsim Orijinal
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الجواب الشريف للحضرة الشريفة في أن مذهب أبي يوسف ومحمد هو مذهب أبي حنيفة
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| Yazar |
عبد الغني بن إسماعيل بن عبد الغني النابلسي، 1143هـ/1731م. |
| Yazar
Orijinal
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عبد الغني بن إسماعيل بن عبد الغني النابلسي، هـم
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| Basım Tarihi: |
1135هـ/1722م؛ في حياة المؤلف |
| Basım Yeri |
Damascus - Syria -
Not identified |
| Konu |
الفقه الحنفي. |
| Tür |
kitap |
| Dil |
Arapça |
| Dijital |
Evet
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| Yazma |
Evet
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| Fiziksel Boyutlar |
21cm × 16cm |
| Kütüphane: |
El-Furkan İslami Miras Vakfı |
| Demirbaş Numarası |
8189 |
| Kayıt Numarası |
182717 |
| Lokasyon |
Syria (Damascus) - Dar Al-Kutob Al-Dhahiria Library - سوريا (دمشق) - مكتبة دار الكتب الظاهرية |
| Tarih |
1135هـ/1722م؛ في حياة المؤلف |
| Örnek Metin |
الحمد لله الذي أنزل كتابه الكريم وجعله أصلاً لبيان الاحكام في شرعه القويم........ وصورة سؤاله: ما تقولون في مذهب أبي حنيفة رضي الله عنه وصاحبيه أبي يوسف ومحمد، فإن كل واحد منهم مجتهد في أصول الشرع الاربعةك الكتاب والسنة والاجماع والقياس، وكل واحد منهم له قول مستقل غير قول الآخر في المسألة الواحدة الشرعية وكيف تسمون هذه المذاهب الثلاثة مذهباً واحداً، وتقولون إن الكل مذهب أبي حنيفة... ؟
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| Yazı hakkında notlar |
جيد |
| Durum |
نسخة قيمة. |
| Satır sayısı |
29 |
| Kaynakça |
هدية العارفين، ج 1، ص 590 - 594؛ معجم المؤلفين، ج 5، ص 271. |
| Yazı türü |
Naskh |