حفظ الأصغرين عن اعتقاد من زعم أن الحرام لا يتعدى لذمتين
(حفظ الأصغرين عن اعتقاد من زعم أن الحرام لا يتعدى لذمتين)
| İsim |
حفظ الأصغرين عن اعتقاد من زعم أن الحرام لا يتعدى لذمتين |
| İsim Orijinal
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حفظ الأصغرين عن اعتقاد من زعم أن الحرام لا يتعدى لذمتين
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| Yazar |
أبي الاخلاص حسن بن عمار بن يوسف الوفائي الشرنبلالي، 1069هـ/1659م. |
| Yazar
Orijinal
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أبي الاخلاص حسن بن عمار بن يوسف الوفائي الشرنبلالي، هـم
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| Basım Tarihi: |
1061هـ/1650م |
| Basım Yeri |
Damascus - Syria -
Not identified |
| Konu |
الفقه الحنفي. |
| Tür |
kitap |
| Dil |
Arapça |
| Dijital |
Evet
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| Yazma |
Evet
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| Sayfa Sayısı |
8 |
| Fiziksel Boyutlar |
تلفت أطراف بعض الأوراق فذهبت ببعض الكلمات. |
| Kütüphane: |
El-Furkan İslami Miras Vakfı |
| Demirbaş Numarası |
5349 |
| Kayıt Numarası |
181849 |
| Lokasyon |
Syria (Damascus) - Dar Al-Kutob Al-Dhahiria Library - سوريا (دمشق) - مكتبة دار الكتب الظاهرية |
| Tarih |
1061هـ/1650م |
| Notlar |
يذكر المؤلف أنه قد كثر السؤال عن قول من قال: إن الحرام لا ينتقل لذمتين ونسبه لمذهب الإمام ألأعظم أبي حنيف رحمه الله، فألف المؤلف رسالته راداً على من قال ذلك. عليها مقابلة سنة 1156 هـ. |
| Örnek Metin |
حمداً لمن منَّ علينا بتعليم الأحكامن وتفضل تبيين الحلال والمشتبه والحرام
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