أبحاث في أنه لا يجب الطلاق على من لم يقيما حدود الله بسبب الكراهة ونحوها بعد رسالة لسيدنا الصارم
(أبحاث في أنه لا يجب الطلاق على من لم يقيما حدود الله بسبب الكراهة ونحوها بعد رسالة لسيدنا الصارم)
| İsim |
أبحاث في أنه لا يجب الطلاق على من لم يقيما حدود الله بسبب الكراهة ونحوها بعد رسالة لسيدنا الصارم |
| İsim Orijinal
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أبحاث في أنه لا يجب الطلاق على من لم يقيما حدود الله بسبب الكراهة ونحوها بعد رسالة لسيدنا الصارم
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| Yazar |
الحسن بن إسحاق بن المهدي أحمد بن الحسن، 1159هـ/1747م؛ تاريخ الميلاد:1092هـ/1682م. |
| Yazar
Orijinal
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الحسن بن إسحاق بن المهدي أحمد بن الحسن، هـم؛ تاريخ الميلادهـم
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| Basım Tarihi: |
Not available |
| Basım Yeri |
-
Not identified |
| Konu |
فقه. |
| Tür |
Kitap |
| Dil |
Arapça |
| Dijital |
Evet
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| Yazma |
Evet
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| Sayfa Sayısı |
7 |
| Fiziksel Boyutlar |
22cm × 16cm |
| Kütüphane: |
El-Furkan İslami Miras Vakfı |
| Demirbaş Numarası |
مجاميع 714 |
| Kayıt Numarası |
CP 69936 |
| Lokasyon |
مصر (القاهرة) - دار الكتب - دار الكتب المصرية |
| Tarih |
Not available |
| Notlar |
رم الميكروفيلم:5019. |
| Örnek Metin |
الحمد لله رب العالمين. أقول والله أعلم إنه لا ينكر في قوة القول بعدم وجوب الطلاق على من وقع بينه وبين زوجه من الكراهة الشديدة ما لا يمكن معه إقامة حدود الله فيما بينهما
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| Durum |
بحاجة إلى ترميم. |
| Satır sayısı |
24 |
| Kaynakça |
الأعلام، ج 2، ص 184. |
| Yazı türü |
Naskh |